आसन क्या है और इसका क्या महत्व है?

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नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं कि आसन क्या है और इसका क्या महत्व होता है इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं। तो अगर आप भी जानना चाहते हैं आसन के बारे में तो इस लेख को पूरा अंत तक जरूर पढ़ें जिससे आपको आसन के बारे में सही और संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके। तो आइए शुरू करते हैं -


आसन क्या है? / What Is Posture in Hindi

आसन क्या है? / What Is Posture in Hindi


शरीर की विशेष स्थिति जिसमें किसी प्रकार का कोई कष्ट न हो, तथा शरीर एवं मन स्थिर अवस्था में हो, "आसन" कहलाता है। आसन केवल शारीरिक प्रक्रिया मात्र नहीं है, इसमें सर्वांगीण विकास के बीज छिपे हैं। आसन शब्द का अनेक अर्थों में प्रयोग होता है। अस् धातु बैठने के लिए प्रयुक्त होता है, पूजा-पाठ, खाने-पीने इत्यादि के लिए जिस बिछावन (बिछौने) का प्रयोग किया जाता है वह भी "आसन" कहलाता है।

विधि पूर्वक लेटकर (पेट एवं पीठ के बल लेटकर) बैठकर एवं खड़े होकर तीनों ही अवस्था में आसन का अभ्यास किया जा सकता है। आसन का अभ्यास शारीरिक क्रियाओं को व्यवस्थित कर वाणी और मन को भी स्थिरता प्रदान करता है। शारीरिक सौष्ठव में वृद्धि होती है। शारीरिक, मानसिक क्षमता का विकास होता है। फलस्वरुप द्वन्द्वों (सर्दी-गर्मी, भूख-प्यास इत्यादि) पर नियंत्रण प्राप्त होता है। अतः विधि पूर्वक किया गया अभ्यास निश्चित रूप से निरोगता, स्थैर्यता, लाघवता एवं एकाग्रता प्रदान करता है।

आसनों से हमें हानि ना हो, लाभ ही लाभ हो इसके लिए आसनों के पूर्व शरीर का अनुकूलन तथा मांसपेशियों तथा संधियों (अस्थि संधि) को खोलने के लिए सिर से लेकर पैर के अंगूठे तक अथवा पैर के अंगूठे से लेकर सिर तक के लिए सूक्ष्म यौगिक क्रियाओं का अभ्यास करना चाहिए। योगासनों का अभ्यास उपयुक्त समय स्थान तथा उचित बिछावन जैसे मोटी दरी एवं उसके ऊपर कंबल पर योग गुरु के निर्देशन में ही करना चाहिए।

आसन का महत्व :

दोस्तों हमारे जीवन में आसन बहुत ही महत्त्व है। रोजाना आसन करने से शरीर में स्फूर्ति, क्षमता एवं ताजगी बनी रहती है। इससे मन एकाग्र रहता है मन में स्थिरता आती है एवं शरीर रोग हीन होता है। आसन के अभ्यास के शरीर की आंतरिक मांसपेशियां पुष्ट होती हैं, फेफड़े पुष्ट होते हैं। हृदय की कार्य कमता की वृद्धि होती है एवं शारीरिक मानसिक तनाव भी दूर होता है। आसन करने से एवं प्राणायाम करने से उम्र की भी वृद्धि होती है। इसीलिए आसन का हमारे जीवन में बहुत ही महत्त्व है। इसलिए हमें अपने दैनिक जीवन में रोजाना आसन करना चाहिए जिससे कि मैं अनेक प्रकार के शारीरिक लाभ।


निष्कर्ष:

तो दोस्तों आज के इस लेख में हमने आपको बताया है कि आसन क्या है और आसन का महत्व के बारे में पूरी जानकारी के साथ। तो उम्मीद करते हैं आपको यह लेख पसंद आया होगा। अगर पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि उनको भी Aasan Kya Hai इससे संबंधित जानकारी प्राप्त हो सके धन्यवाद।

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